अक्षय तृतीया 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, सोना खरीदने का समय व पूजा विधि

- Aditya Tripathi
- Apr 15, 2026


अक्षय तृतीया हिंदू धर्म के सबसे शुभ और शक्तिशाली दिनों में से एक मानी जाती है। साल 2026 में यह पर्व 20 अप्रैल (सोमवार) को मनाया जाएगा।
“अक्षय” का अर्थ होता है जो कभी खत्म न हो। इसलिए इस दिन किया गया हर कार्य, चाहे वह निवेश हो, पूजा हो या कोई नई शुरुआत, लगातार बढ़ता है।
👉 यही कारण है कि लोग इस दिन से जुड़ी जानकारी खोजते हैं:
यह लेख आपको बिना किसी भ्रम के पूरी, सटीक और उपयोगी जानकारी देगा
अगर आप इसे English में पढ़ना चाहते हैं:
➡️ Akshaya Tritiya 2026 Date, Muhurat & Complete Guide
👉 इस समय में:
| शहर | मुहूर्त |
|---|---|
| दिल्ली | 05:48 AM – 12:20 PM |
| मुंबई | 06:10 AM – 12:35 PM |
| लखनऊ | 05:42 AM – 12:15 PM |
| कोलकाता | 05:15 AM – 11:45 AM |
| चेन्नई | 05:55 AM – 12:25 PM |
| बेंगलुरु | 06:00 AM – 12:30 PM |
👉 सुझाव: अपने शहर के सूर्योदय के अनुसार समय का पालन करें।
“अक्षय” का अर्थ है असीम और कभी न खत्म होने वाला।
यह दिन विशेष रूप से जुड़ा है:
👉 यही कारण है कि यह दिन:
मान्यता है कि इस दिन सुदामा जी भगवान कृष्ण से मिले और उन्हें अपार धन प्राप्त हुआ।
इसी दिन द्रौपदी को अक्षय पात्र मिला, जिससे भोजन कभी समाप्त नहीं होता था।
👉 यह कथा अक्षय समृद्धि का प्रतीक है।
अक्षय तृतीया को अत्यंत शुभ इसलिए माना जाता है क्योंकि:
👉 इसलिए यह दिन:
इस दिन सोना खरीदना अक्षय धन का प्रतीक माना जाता है।
👉 कारण:
| कार्य | लाभ |
|---|---|
| सोना खरीदना | धन वृद्धि |
| दान करना | पुण्य और सकारात्मक ऊर्जा |
| नया व्यापार शुरू करना | सफलता |
| प्रॉपर्टी खरीदना | स्थिरता |
हाँ, यह शादी के लिए सबसे शुभ दिनों में से एक है।
👉 कारण:
अक्षय तृतीया सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि समृद्धि की सोच (abundance mindset) बनाने का दिन है।
जब आप इस दिन दान करते हैं, निवेश करते हैं और विश्वास के साथ नई शुरुआत करते हैं, तो आप अपने जीवन को विकास और सफलता की दिशा में आगे बढ़ाते हैं।
अक्षय तृतीया केवल एक तारीख नहीं है, बल्कि यह अपने आर्थिक और आध्यात्मिक जीवन को नई दिशा देने का अवसर है।
अगर आप अक्षय तृतीया के बारे में विस्तार से English में जानना चाहते हैं, तो यह गाइड जरूर पढ़ें:
➡️ Akshaya Tritiya 2026 Date, Muhurat & Complete Guide
20 अप्रैल 2026 (सोमवार) को मनाई जाएगी।
सुबह 5:49 बजे से दोपहर 12:21 बजे तक।
यह अक्षय धन और समृद्धि का प्रतीक है।
हाँ, यह स्वयं सिद्ध मुहूर्त है।
हाँ, इस दिन भगवान परशुराम का जन्मदिन भी मनाया जाता है।
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